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| अभिनन्दन (IAF ) |
भारत ने बुधवार को पाकिस्तान को कहा कि वह भारतीय वायुसेना के पायलट को फौरन और सुरक्षित लौटा दे. दरअसल, दोनों देशों के लड़ाकू विमानों के बीच हुई एक झड़प के बाद पाकिस्तान ने उन्हें पकड़ लिया है। साथ ही, एक घायल रक्षा कर्मी को पड़ोसी देश द्वारा ‘‘अशोभनीय तरीके से दिखाए जाने पर'' भी भारत ने सख्त ऐतराज जताया है।
सैन्य चौकियों को निशाना बनाए जाने सहित पाकिस्तान द्वार बगैर उकसावे के आक्रमण करने पर सख्त ऐतराज जताने के लिए पाकिस्तान के कार्यवाहक उच्चायुक्त सैयद हैदर शाह को विदेश मंत्रालय ने तलब किया है।
मंत्रालय ने कहा कि दूत से स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की हिफाजत के लिए दृढ और निर्णायक कार्रवाई करने का अधिकार रखता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय रक्षाकर्मी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।
पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच भीषण झड़प के बाद एक विंग कमांडर को पकड़ लिया। इस झड़प में पाकिस्तान के एक लड़ाकू विमान को मार गिराया गया और भारतीय वायुसेना को भी अपना एक मिग 21 गंवाना पड़ा. इसके शीघ्र बाद पाकिस्तान थल सेना ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें दिखाए गए सैन्यकर्मी ने अपनी पहचान भारतीय वायुसेना के पायलट के रूप में बताई है।
मंत्रालय ने कड़े शब्दों वाले बयान में कहा है कि भारत ने वायुसेना के एक घायल कर्मी को पाकिस्तान द्वारा अशोभनीय तरीके से दिखाए जाने पर सख्त ऐतराज जताया है और यह अंतरराष्ट्रीय मानवता कानून के सभी नियमों और जिनेवा संधि का उल्लंघन है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट कर दिया गया है कि पाकिस्तान सुनिश्चित करे कि उसकी हिरासत में भारतीय रक्षाकर्मी को कोई नुकसान नहीं पहुंचे। भारत उनकी (अपने पायलट) फौरन और सुरक्षित वापसी की भी उम्मीद करता है। ''
मंत्रालय ने पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ प्रदर्शित की गई अकारण आक्रामकता और भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने तथा सैन्य चौकियों को निशाना बनाए जाने की कोशिशों पर सख्त विरोध दर्ज कराया है।
पाकिस्तान में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविरों के भारतीय वायुसेना द्वारा नेस्तनाबूद करने के एक दिन बाद पाक वायुसेना ने यह हरकत की. मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी सरजमीं से संचालित होने वाले आतंकी संगठनों और लोगों के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करने के अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों और द्विपक्षीय प्रतिबद्धता को पूरा करने के बजाय पाकिस्तान ने भारत के विरूद्ध आक्रमकता वाला कदम उठाया। "
मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट रूप से संदेश दे दिया गया है कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए ठोस और निर्णायक कार्रवाई करने का अधिकार रखता है।''


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