धान खरीद में रिकार्ड बनाने में जुटी BJP योगी सरकार




CM Uttar Pradesh
मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश श्री योगी आदित्य नाथ 

लखनऊ 03 अक्टूबर 2017, बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने प्रेस रिलीज कर  कहा है कि पिछले कुछ सालों के मुकाबले इस साल गेहूं की रिकार्ड खरीद कर चुकी भारतीय जनता पार्टी की श्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार अब धान खरीद के भी नए रिकार्ड बनाने में जुट गई है। गेहूं खरीद, कर्ज माफी और गन्ना किसानों के तुरंत भुगतान के जरिए योगी आदित्यनाथ  की सरकार अब तक किसानो के बीच करीब 67 हजार करोड़ रूपए बितरित कर चुकी है। धान खरीद के बाद ये आंकड़ा और बढेगा। सरकार ने आदेश दिए हैं कि धान खरीद के 72 घंटे के भीतर सभी किसानो  को सीधे उनके खाते में भुगतान कर दिया जाए।





श्री शलभ मणि ने कहा कि सरकार ने धान खरीद के लिए 50 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय किया है ताकी किसानो  को बिचैलियों और खुले बाजार में कम कीमत पर अपनी उपज ना बेंचनी पड़े। किसानो को उनकी फसल की पूरी कीमत मिल सके। इससे पूर्व गन्ना खरीद और गेहूं खरीद में भी किसान गण को तय सीमा के भीतर शत प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। ये आंकड़े इस बात के गवाह है कि योगी आदित्यनाथ जी की सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के उस सपने को पूरा करने में जी जान से जुटी हुई है जिसमें किसान भाइयों की आय दुगुनी करने की बात कही गई थी। योगी आदित्यनाथ जी की सरकार इसके लिए बधाई की पात्र है।





श्री त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश में 25 अक्टूबर से धान खरीद की पूरी तैयारी हो चुकी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नौ मंडलों के 31 जिलों में धान खरीद का काम 25 अक्टूबर से 31 जनवरी तक चलाया जाएगा। तो वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के नौ मंडलों के 41 जिलों में धान खरीद पहली नवंबर से शुरू होकर 28 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान अधिकारियों को धान क्रय केंद्रों पर ऐसे इंतजाम करने को कहे गए हैं ताकी किसान भाइयों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना ना करना पड़े। यही नहीं प्रदेश में धान खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए पहली बार आनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की गई है। 







उत्तरप्रदेश के किसान भाई अब आनलाइन अपनी उपज बेंच सकेंगे। बिचैलियों और दलालों को दूर रखने और किसान भाइयों को उनकी उपज का पूरा लाभ देने के लिए आरटीजीएस के जरिए भुगतान का भी इंतजाम किया गया है। इसके साथ ही साथ किसान भाइयों को एसएमएस के जरिए उनकी खरीद और भुगतान की जानकारी देने की भी व्यवस्था सरकार की तरफ से की गई है। सरकार ने ये निर्देश भी जारी किए हैं कि किसी भी स्तर पर धान खरीद में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर कड़ी क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने पूरे प्रदेश में तीन हजार क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।




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